उसको डर क्या लगे

डर उसको लगे
जिसको अकेला चलने की आदत न हो
डर उसको लगे 
जिसको सच का सामना करने की हिमत न हो 

हमने तोह कसम खायी है जी जान से लड़ने की
न्याय और सच का साथ  देने की
कर्त्तव्य निभाने की

डर तो उनको लगे
जिनको मोह माया है
जब सबकुछ ही त्याग दिया
तोह डर की भी क्या काया है

डर तो उसको लगे
जिसको बस लेना आता हो 
जिसने देना सीख लिया 
उस  से तोह  डर  भी  घबराता  है

जिसने अपने चोटों पे मलहम लगाना  सीख लिया 
हर हाल मुस्कुराना सीख लिया
उसको डर क्या लगे   

जिसने  अकेला  चलना  सीख  लिया
उसको डर क्या लगे  

जिसने  अकेला  चलना  सीख  लिया
उस से तो खुदा भी हात  मिलाता  है

No comments: